“एक साथ एक मंच पर 72 दीक्षार्थियों को देखने पहुंचे सैकड़ो श्रद्धालु”

अनेक आचार्य भगवन्तो के सान्निध्य में जैन दीक्षा को अंगीकार करने वाले 72 दीक्षार्थी का चेन्नई में आगमन हुआ । मुमुक्षु अभिनन्दन समारोह समिति, चेन्नई द्वारा पहले भी 65 दीक्षार्थी, 85 दीक्षार्थी एवं 25 दीक्षार्थियों का सामूहिक अभिनन्दन का कार्यक्रम आयोजित हो चुके है । श्री लोद्रवा पार्श्वनाथ – प्रार्थना मंदिर में चैत्य महापूजा का आयोजन हुआ । इस वर्ष “महावीर के वीर नंदन, वैरागी ने वंदन” गौतम किरण में आयोजित हुआ । अनोखे अंदाज़ में श्री आदि पार्श्व गुरुकुल के बालको ने अष्ट मंगल शुभेच्छा के साथ 72 दीक्षार्थियों का शानदार प्रवेश करवाया । विशाल जनमेदनी दीक्षार्थियों के दर्शन करने एवं उनको सुनने के लिए पधारे ।

समिति ने सभी दीक्षार्थीओ का राजशाही अभिनन्दन किया । राजेशजी चन्दन ने सभी का स्वागत किया एवं अनेक संस्थाओ के सहयोग हेतु उनका आभार व्यक्त किया । चेन्नई सकल संघ से श्री पन्नालालजी सिंघवी ने आयोजन की सराहना की एवं संघवी रमेशजी मुथा ने कहा इतनी विशाल संख्या में लोग उपस्थित हुए यह संयम का ही प्रभाव है । कलापूर्ण मंडल के अध्यक्ष दिनेशजी चोपड़ा ने वक्तव्य में कहा ऐसे कार्यक्रमों से हज़ारो लोगो के दिलो में चरित्रवान आत्मा के प्रति अहोभाव प्रगट होते है । जब समिति के सदस्य रजोहरण लेकर पधारे तो पूरी सभा में उल्लास का वातावरण छा गया ।

मुंबई से पधारे “शासन संगीत सम्राट” जैनम वारिया ने संयम के गीतों का अद्भुत समां बाँधा । ‘युवा संघरत्न’ मनोज राठोड ने 72 दीक्षार्थीओ का परिचय दिया । सभी मुमुक्षुओं ने अपने स्थान पर खड़े होकर दीक्षा का आमंत्रण दिया । इस आयोजन में 72 दीक्षार्थी में से 10 से 20 वर्ष के 33 मुमुक्षु एवं 20 से 30 वर्ष के 22 मुमुक्षु पधारे थे । यौवनवय में संसार का त्याग कर दीक्षा अंगीकार करने के पराक्रम को देख एवं संयम संवेदना की भावधारा में अनेको की आंखे अश्रुपूरित हुई । समय समय पर तालियों की गड़गड़ाहट से सारा वातावरण गूंजने लगा । कोई सहपरिवार, कोई सजोड़े, कोई भाई बहन, एक अजैन, कोई कल्याण मित्र साथ में दीक्षा अंगीकार कर रहे है ।
27 मुमुक्षुओं ने अपने उद्बोधन में कहा की परिवर्तन के पीछे माता पिता के संस्कार, विशेष गुरुकुलवास, उपधान तप, वाचना, परिवार से दीक्षित साधु भगवंत का विशेष योगदान रहा । सभी दीक्षार्थियों ने कार्यक्रम की अनुमोदना करते हुए कहा की चेन्नई में ही ऐसे विरले आयोजन देखने को मिलते है । कार्यक्रम का सफल संचालन ‘युवा संघरत्न’ मनोज राठोड ने किया ।

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