पाटण नगर में हुआ पुण्य सम्राट गुरुदेव के शिष्य रत्नों का भव्य चातुर्मास प्रवेश

गुजरात के पाटण नगर में आषाढ़ शुक्ल 13 रविवार दिनांक 14 जुलाई 2019 को अध्ययन हेतु बिराजमान त्रिस्तुतिक जैनाचार्य गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्र सूरीश्वर जी महाराजा के प्रशिष्य पुण्य सम्राट युग प्रभावक गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी महाराजा के शिष्य रत्न एवं गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी महाराज ओर आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती मुनिराज श्री चारित्र रत्न विजय जी महाराज, मुनिराज श्री निपुण रत्न विजय जी महाराज आदि ठाणा 6 एवं साघ्वी श्री तत्वलता श्री जी आदि ठाणा 4 , साघ्वी श्री कुमुद प्रिया श्री जी आदि ठाणा4 , साघ्वी श्री रूचि दर्शना श्री जी आदि ठाणा 2 का भव्य चातुर्मास प्रवेश हुआ ,

मुनि भगवंतो एवं साघ्वी भगवंतो के चातुर्मास प्रवेश की शोभायात्रा नगर के प्रमुख स्थल बगवाडा चोक से प्रारंभ हुई जिसमें अनेक श्रावक श्राविकाओं की उपस्थिति में सुप्रसिद्ध बेंड के संगीत में परमात्मा ओर गुरुदेव के भाव भरे गीतों के गुंजन के बिच कलशधारी बालिकाओ ओर सोभाग्यवंती महिलाओं ने सामैया किया , रजवाडी बगी में विश्व पूज्य गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्र सूरीश्वर जी महाराज एवं पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी महाराज के फोटो के साथ शोभायात्रा ने नगर के राज मार्ग पर परिभ्रमण किया , शोभायात्रा में पुरुष वर्ग से युवा ओर बुजुर्ग खुशी व्यक्त करते हुए नुत्य के साथ जैन धर्म के जयघोष कर रहे थे , शोभायात्रा में महिला वर्ग पर किसी भी प्रकार के नुत्य पर प्रतिबंध रहा , चातुर्मास प्रवेश की शोभायात्रा में पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी महाराजा के फोटो को पालखी में बिराजमान कर युवा वर्ग लेकर चल रहे थे वो फोटो श्रद्धा का केंद्र रहा,हर भक्त गुरुदेव का स्मरण करते हुए गुरुदेव की निश्रा में बिताए पल को याद कर गुरुदेव की यादों में फोटो को देख आंखें से आंसू बहते नजर आए, शोभायात्रा चातुर्मास स्थल त्रिस्तुतिक जैन उपाश्रय में संपन्न हुई, उसके बाद पंचासरा जैन यात्रिक भवन के विशाल सभाखंड में धर्मसभा हुई , पुण्य सम्राट गुरुदेव के शिष्य रत्नों के चातुर्मास प्रवेश की पावन पल के लिए नगर में बिराजमान पंन्यास श्री मोक्षेसरत्न विजय जी महाराज, पंन्यास श्री कल्पज्ञ विजय जी महाराज, मुनिराज ( ऊंकार सुरी समुदाय), श्री ऋषभचन्द्र सागर जी महाराज ( सागरानंद सुरी समुदाय ), मुनिराज श्री रत्न सुंदर विजय जी महाराज ( रामचंद्र सुरी समुदाय ), मुनिराज श्री नयशेखर विजय जी महाराज ( भक्ति सुरी समुदाय) आदि श्रमण भगवंत एवं विभिन्न समुदायों के श्रमणी भगवंतो की उपस्थिति में जैन धर्म की एकता के दर्शन हुए ,

सभी श्रमण भगवंतो ने मांगलिक प्रवचन दिये एवं मुनिराज श्री चारित्र रत्न विजय जी महाराज आदि ठाणा की सरलता ओर आत्मीय भावो का एवं प्रसंग की एकता का उल्लेख किया, चातुर्मास प्रवेश प्रसंग पर मुनिराज श्री को त्रिस्तुतिक जैन संघ पाटण की ओर से कांमली वहोराने का लाभ थराद जैन संघ के अग्रणी परिवार श्री बाबुलाल लल्लूभाई के सुपुत्र रमेशभाई ( नडियाद वाले) ने लिया जिनके उदार भाव की उपस्थित गुरु भक्तों ने अनुमोदना की , लाभार्थी परिवार की ओर से चातुर्मास निश्रा दाता मुनिराज सहित पधारे सभी समुदाय के श्रमण भगवंतो को कांबली वहोरा कर लाभ लिया , पाटण नगर के इस प्रसंग पर , गुरु राजेन्द्र जन्म भूमि ट्रस्ट भरतपुर, जयन्तसेन म्युझियम ट्रस्ट मोहनखेड़ा, गुरु जयन्तसेन जन्म भूमि पेपराल ट्रस्ट, राज राजेन्द्र प्रकाशन ट्रस्ट , यतीन्द्र भवन ट्रस्ट पालीताणा, गुरु जयन्तसेन साधना भूमि ट्रस्ट बाग, स्वर्णगीरी तीर्थ ट्रस्ट जालोर , राजेन्द्र सुरी क्रियोद्धार भूमी जावरा, सहित अनेक ट्रस्ट के ट्रस्टी ओर जावरा, राजगढ़, पारा,बाग, महिदपुर, झाबुआ, रतलाम, बड़नगर, करवड,थराद, अहमदाबाद,डिसा,दाहोद,नडियाद,सुरत,नारोली,पीलुडा,उंदराणा,सियाणा,लाखणी,वासणा,पेपराल,मेंगलवा, सुराणा ,लोवाणा करबुण, विजयवाड़ा,चैन्नई, आदि अनेक संघ के सदस्य उपस्थित रहे , त्रिस्तुतिक जैन संघ पाटण ने पधारे हुए ट्रस्ट के ट्रस्टी ओर संघो के सदस्य के आगमन का सन्मान करते हुए उन सभी से दादा गुरुदेव ओर पुण्य सम्राट गुरुदेव के फोटो पर पुष्प अर्पण करवाये, घर्मसभा में त्रिस्तुतिक जैन संघ पाटण की ओर से दादा गुरुदेव ओर पुण्य सम्राट गुरुदेव के फोटो के सन्मुख दिप प्रगट को श्रमण श्रमणी भगवंतो एवं मुमुक्ष रत्नों को अध्ययन में सहायता प्रदान करने वाले पाटण नगर में स्थित पंडितवर्य श्री रमणीकभाई, चन्द्रकांन्त भाई, प्रविणभाई , विजयभाई आदि ने किये,चातुर्मास प्रवेश प्रसंग पर पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी महाराजा से जैन धर्म एवं भारतीय संस्कृति को ग्रहण करने वाले विदेश के भक्तों में से आठ सदस्य का समुह ने पदार्पण कर गुरु भक्ति का परिचय दिया, धर्मसभा को अनेक सफल आयोजन के संचालक श्री ओमप्रकाश आचार्य ने संचालन किया , जिनके शब्दों के जादु ने धर्मसभा में उपस्थित हजारों लोगों को कार्यक्रम के अंत तक उपस्थित रखा , कार्यक्रम में संगीत के सुरों से गुरु भक्ति कि पुण्य सम्राट गुरुदेव के कृपा पात्र मन मघुकर ग्रुप के संगीतकार कैलाश जी एवं राजु जी ने , संचालक एवं संगीतकार ने किसी प्रकार की राशि लिए बिना पधार कर उपस्थिति दर्ज करवाई, स्थानीय संगीतकार जितुभाई नायक ने संपुर्ण टीम के साथ संगीत से गुरु भक्ति की , चातुर्मास प्रवेश प्रसंग की धर्म सभा को मध्यप्रदेश त्रिस्तुतिक जैन संघ के अध्यक्ष श्री सुरेश जी तांतेड, गुजरात के त्रिस्तुतिक जैन संघो की ओर से थराद समाज के अग्रणी श्री जयंतीभाई वकील एवं विभिन्न संस्थाओं की ओर सुनील जी ( डेडी ) ओर ज्ञान दाता पंडित वर्यो की ओर से पंडित श्री चन्द्रकांन्त भाई संघवी ने धर्म सभा को सम्बोधित किया, प्रवेश प्रसंग पर त्रिस्तुतिक जैन संघ पाटण की विनंती का सन्मान करते हुए पाटण नगर के सागर उपाश्रय,नगीनभाई पौधशाला,खेतरवसही ,भारती सोसायटी, आशीष सोसायटी, सहित विभिन्न उपाश्रय के आराघक वर्ग एवं पाटण के वाव पथक संघ, तेरापंथ संघ, स्थानक वासी संघ ने कार्यक्रम के अंतिम समय तक उपस्थित रहकर कार्यक्रम को गरिमामय बनाया, चातुर्मास प्रवेश की शोभायात्रा पंचासरा जैन मंदिर के समीप पहुंच पर पाटण नगरपालिका की ओर से मुनिराज श्री चारित्र रत्न विजय जी महाराज के परम भक्त ओर नगर पालिका अध्यक्ष श्री महेन्द्रभाई पटेल ने मुनि भगवंतो के दर्शन वंदन कर आर्शीवाद लेकर शोभायात्रा का स्वागत किया , धर्मसभा में भारत की प्रमुख राष्ट्रीय दो पार्टी के स्थानीय जननेता उपस्थित रहे ओर मुनि भगवंतो के आशीर्वाद ग्रहण किए,
त्रिस्तुतिक जैन संघ पाटण के वर्तमान में निवास कर रहे सदस्य के सिर्फ पांच घर हे लेकिन जबसे श्रमण एवं श्रमणी भगवंत अध्ययन हेतु पाटण पधारे हे तब से उनकी वैयावच्च ओर आने वाले श्रीसंघ एवं गुरु भक्तों की भक्ति में कभी थकान महसूस नहीं की , श्रमण श्रमणी भगवंतो के अध्ययन में अवरोध किये बिना पाटण नगर में जैन शासन ओर गुरु गच्छ के अविस्मरणीय कार्यक्रम कर अनेक संघों के अनुमोदन के सहभागी बने.

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