जीवन बीमा देश में महिलाओं का रुझान महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी….

देश में महिलाओं का रुझान जीवन बीमा खरीदने की ओर तेजी से बढ़ा है। इरडा की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2017-18 में भारत में बेची गई कुल व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसी में 32 फीसदी महिलाओं ने खरीदी। महिलाओं की जीवन बीमा में रुचि इस मायने में और महत्वपूर्ण है, जब रोजगार में उनकी हिस्सेदारी घटी है।  भारतीय कामगारों में महिलाओं की भागीदारी 2005 में 36.78% से घटकर 2017 में 27.21% रह गई है। रिपोर्ट से पता चलता है कि पारिवारिक बीमा होने के बावजूद कामकाजी महिलाएं स्वतंत्र रूप से अपना जीवन बीमा कराने की पक्षधर हैं और उनका निवेश बढ़ रहा है।

अनुपात अभी कम
बीते वित्त वर्ष में देश की 10,000 आबादी में से सिर्फ 210 लोगों ने बीमा खरीदा। इस हिसाब से 10,000 में से 277 पुरुष ने जीवन बीमा खरीदा। वहीं 10,000 महिलाओं में सिर्फ 139 ने इंश्योरेंस खरीदा।

– बीते वित्त वर्ष में 2.82 करोड़ नई पॉलिसी की बिक्री हुई
– इसमें पुरुषों की हिस्सेदारी 68% रही
– महिलाओं की हिस्सेदारी 32%
– साल 2017-18 में 92,135 करोड़ प्रीमियम आया
– प्रीमियम में पुरुषों की हिस्सेदारी 68% और महिलाओं की हिस्सेदारी 32% रही

इन राज्यों में अधिक हिस्सेदारी
लक्षद्वीप, पुडुचेरी, केरल, मिजोरम, सिक्किम और उत्तर प्रदेश में ज्यादा पॉलिसी खरीदी गई।

महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी

– 90 लाख पॉलिसी महिलाओं ने 2017-18 में खरीदी
– 1.9 करोड़ जीवन बीमा पॉलिसी पुरुषों द्वारा खरीदी गई
– 27 फीसदी रह गया है, कार्यबल में महिलाओं का हिस्सा
– देश की कुल आबादी में 48 फीसदी हिस्सेदारी महिलाओं की है।

कार्यबल में हिस्सेदारी बढ़ने का संकेत

इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस के सीईओ आरएम विशाखा ने बताया कि बीमा की खरीद ज्यादातर वो लोग करते हैं जो संगठित क्षेत्र में होते हैं। महिलाओं द्वारा 32% पॉलिसी की खरीदारी संकेत है कि संगठित क्षेत्र में महिला कार्यबल की आय बढ़ी है। सुर्जन फाइनेंशियल एडवाइजर्स की संस्थापक दीपाली सेन ने कहा कि अक्सर कामकाजी पुरुष पत्नी के नाम से पॉलिसी खरीदते थे, लेकिन अब ट्रेंड बदल रहा है।

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