पीड़िता ने डिलीवरी होने तक नहीं बताया दुष्कर्मी का नाम, अदालत ने आरोपी को 7 साल जेल की सजा सुनाई

खंडवा. पड़ोसी युवती को घर में अकेला पाकर ज्यादती करने वाले आरोपी को दुष्कर्म के मामले में दोषी पाते हुए अदालत ने सात साल जेल की सजा व जुर्माने से दंडित किया। घटना के बाद आरोपी अपराध करने से इंकार करता रहा। बच्चे की डीएनए रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर आरोप और भी पुख्ता हो गए। अदालत ने धारा 376 में सात साल जेल 10 हजार रुपए जुर्माना व 454 में तीन साल जेल व 5 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी कर रहे अतिरिक्त लोक अभियोजक रामसेवक वर्मा के मुताबिक 12 जनवरी 15 को कोतवाली क्षेत्र के जसवाड़ी गांव में युवती (21) के साथ उसके पड़ोसी आरोपी पंकज पिता सूरज प्रजापति (25) ने युवती के विरोध के बावजूद ज्यादती की। युवती के माता-पिता नहीं है वह अपनी दादी के साथ रहती थी जिन्हें दिखाई नहीं देता था।
आरोपी ने चार-पांच बार यह कृत्य किया। युवती ने किसी को बताया नहीं।
नौ माह होने पर तबीयत खराब होने लगी तो युवती अपनी मौसी के घर नर्मदानगर चली गई। पेट में दर्द होने पर वह अपनी मौसी के साथ 15 सितंबर 15 नर्मदानगर के उपस्वास्थ्य केंद्र में युवती ने बालिका को जन्म दिया। अस्पताल की नर्स ने पुलिस को सूचना दी। आरोपी पंकज प्रजापति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद से आरोपी जेल में है।
युवती ने आखिरी समय तक नहीं बताया
अदालत ने टिप्पणी में कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति दुष्कर्म की घटनाओं से रोष व्याप्त है। पीड़िता के माता-पिता का देहांत हो चुका है। बूढ़ी दादी को दिखाई व सुनाई कम देता है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने युवती से ज्यादती की। पीड़िता ने डिलीवरी तक नहीं बताया कि उसके साथ आरोपी ने ज्यादती की है।

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